श्री कृष्ण हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता और भगवान विष्णु के अवतार हैं। उन्हें संपूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहार, प्रेम और भक्ति के आदर्श के रूप में पूजा जाता है।

⭐ श्री कृष्ण का परिचय
- अवतार और समय
- श्री कृष्ण को अष्टम अवतार माना जाता है।
- वे द्वापर युग में जन्मे।
- जन्म स्थान और माता-पिता
- जन्म: वृंदावन/मथुरा (ब्रजधाम)
- माता: देवी देवकी
- पिता: वर्षभासुर (कृष्ण के पिता वासुदेव) – सही नाम: वसुदेव
- जन्म के समय कंस नामक दुष्ट राजा का संहार करने के लिए अवतरित हुए।
- भगवान विष्णु का स्वरूप
- श्री कृष्ण को परमात्मा का मानव रूप माना जाता है।
- उनका जीवन धर्म, भक्ति, साहस और प्रेम का प्रतीक है।
- मुख्य लीलाएँ
- बाल लीला: माखन चोरी, कालिया नाग वध, गोकुल में बालसखाओं के साथ खेल।
- युवा लीला: रासलीला और राधा के साथ प्रेम।
- महाभारत में: अर्जुन के सारथी और गीता उपदेश।
- प्रमुख उपदेश
- भगवद गीता में उन्होंने अर्जुन को जीवन, धर्म और कर्म का मार्ग बताया।
- धर्म, भक्ति और निष्ठा का उदाहरण।
- विशेषताएँ
- नील वंशन, बांसुरी वादन और मोर पंख का श्रृंगार।
- प्रेम, करुणा, और दया का प्रतीक।
- संकटमोचन और भक्तों के रक्षक।
⭐ श्री कृष्ण के प्रमुख नाम
- गोविंद, गोपाल, मुरलीधर, कन्हैया, माधव, वासुदेव